शुक्रवार, 8 दिसंबर 2017

कुछ खट्टे मीठे एहसास …...दोस्ती के

जब कभी मेरे दिमाग में दोस्ती या दोस्त नाम का शब्द आता है तो मुझे एक ऐसा एहसास होता है जिसे मैं शब्दों में बयान नहीं कर पाती। दोस्ती एक बहुत ही अलग सा एहसास होता है। दोस्ती में कुछ खट्टा सा, मीठा सा, नमकीन सा, एहसास होता हैं। (अब आप सोचोगे कि ये खट्टा,मीठा, नमकीन सा एहसास कैसे हो सकता है तो आप ये सोच कर बिल्कुल परेशान न हो मैं आपको आगे बताउंगी । ) पता नहीं क्यों ? ये दोस्ती जो होती है वो हर रिश्ते से ज्यादा प्यारी क्यों लगती है, और न जाने क्यों मैं दोस्तों पर बहुत भरोसा कर पाती हूँ ।
दोस्त ही एक ऐसा इंसान होता है जो आपका मुश्किल से मुश्किल समय में साथ देता है। चाहे अपने कितनी भी बड़ी गलती क्यों न की हो, वो आपको पांचस गालियां दे देगा लेकिन उसके बाद आपको उस परेशानी से निकालने में आपकी मदद जरूर करेगा। दोस्त ही एक ऐसा इंसान है जो आपकी खुशियों में आपसे ज्यादा खुश हो जाता हैं। आपके लिए सब से लड़ने को तैयार हो जाता है।
आपके साथ क्लास भंग करके मस्ती करता है। डबल मीनिंग बातों को वो इशारों में भी समझ लेता है। किसी लड़के या लड़की के गुज़रने पर ये बोलना , देख ओये साले तेरी भाभी जा रही है….या देख ओये पगली तेरे जीजू जा रहे है। ब्रेक अप की बातों को पूरी सुनने से पहले ही बोल देना, पार्टी कब दे रहा है भाई , या दे रही है। पहले ये बता…...फिर दोस्त को संभालने के लिए ये कहना….यार वो तेरे लायक ही नहीं था….यार लड़कियां होती ही ऐसी है। बला बला बला बोलते चले जाते है पर उनका ध्यान सिर्फ इस बात पर ही रहता है कि  कैसे इससे पार्टी निकलवाई जाएं….अब ये काम सिर्फ हमारा एक दोस्त ही कर सकता है। ऐसी चीज़ें जब दोस्ती में होती है तो इसका एहसास कुछ खट्टा सा मालूम होता है।
अक्सर दोस्तों से यह सवाल पूछना कि…...तेरे लिए मैं ज्यादा जरूरी हूँ या तेरी गर्ल फ्रेंड…..और बेचारे दोस्त का मन रखने के लिए बोल देना...। अबे यार तू तो अपना भाई है ….या एक लड़के के लिए तू हमें भूल गई बे…..अरे नहीं यार तू तो मेरी जान है जान….ये एक लव्ज़ सुनकर उस पल दिल को बहुत सुकून सा मिल जाता है और उस वक्त बहुत ही मीठा सा एहसास होता है।
कभी दोस्त के नाराज़ होने पर उसे मानना, एक बहुत ही नमकीन सा एहसास होता है। हमारा दोस्त हमसे जितना नाराज़
नहीं होता है। उससे कई ज्यादा हमें अपने दोस्त को मनाने के लिए पापड़ बेलने पड़ते है। उस एक पल में हम अपने दोस्त की दुनियां जहान की तारीफें कर देते है। उस वक्त हमारा दोस्त मन ही मन इसलिए मुस्कुराता है कि बेचारा मुझे मनाने के लिए मेरी कितनी तारीफ कर रहा है और उससे जल्दी से माफ न करके दोस्त भी फुल मजे लेता है। 

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